आरजू !

आरजू तो बहुत थी दिल में मेरे
किसी दिन उन से मुलाकात होगी,
कुछ हम कहेंगे कुछ सुनेंगे उनकी
दिल से दिल की बहुत बात होंगी

जिन्दगी तो यूँ ही चलती रहेगी
कभी तो वो मेरी कायनात होगी
न हुये वो गर पहलू में मेरे
हसीं यादों की बारात होगी

क्या तन्हाई मुझको यूँ ही डसती रहेगी
कभी तो खुशियों की कोई रात होगी
गर तुमने मुझको बना लिया अपना
तेरे दर पर अंबर की बारात होगी

अंबर हरियाणवी